छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2023: ऑनलाइन आवेदन (CG Godhan Nyay) लाभ व पात्रता

नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई छत्तीसगढ़  गोधन नया योजना 2023 के बारे में बताने जा रहे हैं। इस योजना की शुरुआत छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा 20 जुलाई 2020 को की गई है। इस योजना के माध्यम से किसानों तथा पशु पालकों को लाभ प्राप्त होगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा CG Godhan Nyay Yojana के अंतर्गत राज्य के गाय पालने वाले पशुपालक एवं किसानों से गाय तथा भैंस का गोबर खरीदा जाएगा।

Godhan Nyay Yojana

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा इस योजना के अंतर्गत पहली बार 21 जुलाई 2020 को गोवर खरीदने की प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार के इस कदम से किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। राज्य के नागरिक जो इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करना चाहते हैं। तो उन्हें सबसे पहले इस योजना के तहत आवेदन करना होगा। आवेदन करने से पहले आपको इसी योजना के दिशा निर्देश को पढ़ना होगा। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना को दो भागों में चलाया जाएगा, पहले चरण में राज्य के 2240 गौशालाओं को जोड़ा जाएगा तथा दूसरे चरण में गोबर खरीदा जाएगा। गाय के गोबर से अच्छा ईंधन तैयार होता है। राज्य सरकार इस योजना के तहत गाय के गोबर को ₹2 प्रति किलो की दर से खरीदेगी। जिससे लोग गाय को सड़कों पर खुला नहीं छोड़ेंगे।

मुख्यमंत्री गोधन न्याय योजना योजना के तहत लाभ की राशि का वितरण:

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के द्वारा इस योजना की शुरुआत 20 जुलाई 2020 को की गई थी। इस योजना के जरिए सरकार किसानों एवं पशुपालकों से उचित दाम पर गाय के गोबर की खरीद की जाती है। सरकार द्वारा इस गोवर का उपयोग वर्मी कंपोस्ट के निर्माण में किया जाता है। सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 10 जुलाई 2023 को 11:30 बजे लाभ की राशि सिंगल क्लिक के तहत सीधे लाभार्थियों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार इस राशि को महिला स्व सहायता समूह, विक्रेता पशुपालक एवं गौठान समितियों को प्रदान करेगी। और पशुपालकों गोवर विक्रेता को 62 लाख 18 हजार रुपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 582 करोड़ रुपए की राशि कबीरधाम एवं गरियाबंद जिलों में रहने वाले नागरिकों के विकास के लिए खर्च की जाएगी।

गोधन न्याय योजना पंजीयन के अंतर्गत की गई 96 करोड़ रुपए की खरीद

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के माध्यम से किसानों एवं पशुपालकों को विभिन्न प्रकार के लाभ प्राप्त हो रहे हैं। इस योजना के द्वारा किसान एवं पशुपालकों की आय में न केवल वृद्धि हुई है वल्कि वर्मी कंपोस्ट और सुपर कंपोस्ट के उपयोग से खाद्य की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। किसानों एवं पशुपालकों से अभी तक इस योजना के तहत 96 करोड़ रुपए की खरीद की जा चुकी है।

इस योजना के माध्यम से महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी लगभग 80 हजार महिलाओं को आजीविका प्राप्त हुई है। गौठान एवं स्व सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को 27.78 करोड़ रुपए की राशि इस योजना के माध्यम से प्राप्त हुई है। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के द्वारा खरीदी गई राशि का वितरण 10 जुलाई 2023 को किया गया है। इस मौके पर यह भी जानकारी प्रदान की गई कि राज्य में अभी 5590 गौठान सक्रिय हैं और 9950 गौठान का निर्माण की स्वीकृति सरकार द्वारा प्रदान की जा चुकी है। इन गौठान के माध्यम से 3,06,770 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट का उत्पादन किया गया है। जिसमें से 1,44,320 क्विंटल वर्मी कंपोस्ट की बिक्री की जा चुकी है।

Godhan Nyay Yojana Highlights

योजना का नाम छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना
इनके द्वारा  शुरू की गयी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा
लॉन्च की तारीक 20 जुलाई 2020
लाभार्थी गाय पालने वाले पशुपालक
उद्देश्य पशुपालको की आय में वृद्धि करना

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना की 15वीं तथा 16वी किस्त जारी की गई

छत्तीसगढ़ सरकारी योजना के तहत पशुपालकों से गोबर की खरीद करती है। और इस गोबर को खाद बनाकर गोधन के माध्यम से बाजार में बेचा जाता है। पशुपालकों को गोबर बेचने पर सरकार द्वारा तय की गई राशि का भुगतान करती है। यह भुगतान गोवर बेचने वाले लाभार्थियों के खाते में किया जाता है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के द्वारा इस योजना के तहत 21 मार्च 2023 को 15वीं तथा 16वी किस्त की राशि डायरेक्ट किसानों के खाते में पहुंचा दी गई है।

15वीं एवं 16वी किस्त के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में कुल 7 करोड़ 75 लाख रुपए की राशि ट्रांसफर की गई है। इस योजना के तहत पशुपालकों के खाते में कुल 88 करोड़ रुपए पहुंचाए जा चुके हैं।Chhattisgarh Godhan Nyay Yojana के माध्यम से पशुपालक आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन रहे हैं। यह योजना पशुपालकों एवं महिलाओं के लिए आय का साधन बनी है।

मुख्यमंत्री गोधन न्याय योजना की अब तक की सफलता

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत होने के बाद से ही इसकी सफलता की चर्चा पूरे देश में की जा रही है। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के अंतर्गत खरीदे गए गोबर से 15 मार्च 2023 तक 118611 क्विंटल खाद उत्पन्न की जा चुकी है। और साथ में 83900 क्विंटल खाद अभी तक बेची जा चुकी है। इस योजना की शुरुआत के बाद से राज्य में लगभग 162497 पशुपालकों को लाभ पहुंचा है। 162497 पशुपालकों में से 70299 ऐसे पशुपालक थे जिनके पास भूमि नहीं थी अर्थात भूमिहीन थे। इस योजना के अंतर्गत लाभ लेने वाले व्यक्तियों में महिलाएं भी शामिल है।

सरकार द्वारा इस योजना के द्वारा 44 लाख क्विंटल गोवर पशुपालकों से खरीदा जा चुका है। इस योजना के तहत गोबर खरीद का पैसा सीधे पशुपालकों के खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से पहुंचाया जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अभी तक 16 किस्त लाभार्थियों के खाते में वितरित की जा चुकी हैं।

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना को मिले अवार्ड

जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत की गई तभी से देश में इसी योजना के चर्चे होने लगे। 20 मार्च 2023 को गोधन योजना को स्कॉच गोल्ड अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह योजना न केवल ग्रामीण लोगों के लिए आय का साधन बन रही है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी काफी हद तक सुधार रही है। और यह योजना राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी छवि बना रही है। छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना को एग्रीकल्चर अफेयर कमेटी एवं लोक सभा द्वारा प्रोत्साहित किया गया और साथ में अन्य राज्यों को भी इस तरह की योजना का शुभारंभ करने का सुझाव प्रदान किया गया है। इसके अलावा इस योजना की आधिकारिक वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप को भी नेशनल अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस आधिकारिक वेबसाइट तथा मोबाइल एप का संचालन प्रदेश के कृषि विभाग द्वारा किया जाता है।

इसके अलावा देश की प्रसिद्ध आईटी संगठन द इलेट्स टेक्नोमीडिया द्वारा अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस डिजिटल गवर्नेंस के तहत इस योजना को दिया गया है।

गोधन को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा

राज्य में लगभग 6 लाख क्विंटल खाद का उत्पादन गौथन के माध्यम से किया जाता है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा गौथन को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया है। ग्रामीण औद्योगिक पार्क में गौथन को विकसित करने के बाद खाद्य उत्पादन में बढ़ोतरी आएगी। गौथन के द्वारा यदि 1 वर्ष में 20 लाख क्विंटल खाद्य का उत्पादन किया गया तो उस खाद्य से कम से कम 2000 करोड़ रुपए की आय उत्पन्न होगी जो की बहुत बड़ी बात है। यदि इस कार्य में और अधिक आर्थिक गतिविधियां होंगी तो गौथन का टर्नओवर बढ़ जाएगा जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे। गौथन से ग्रामीण क्षेत्र एवं महिलाओं को जोड़ा जाएगा। जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार प्राप्त हो सकेगा।

गोधन न्याय योजना जारी की गई 11वीं एवं 12वीं किस्त की राशि

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के द्वारा अपने निवास कार्यालय में एक समारोह का आयोजन किया गया था। इस समारोह में योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने इस आयोजन पर 11वीं तथा 12वीं की किस्त धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की। 16 से 31 दिसंबर के बीच में खरीदे गए गोबर विक्रेताओं को 11वीं किस्त के तहत 4.51 करोड रुपए पहुंचाए गए। 1 से 15 जनवरी के बीच खरीदे गए गोबर की 12वीं किस्त की राशि के 3.02 करोड़ रुपए लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। अभी तक इस योजना के तहत 71 करोड़ 72 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री जी के द्वारा यह भी बताया गया कि इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में से 57 हजार से अधिक भूमिहीन किसान है। गोबर बेचना इन सभी भूमिहीन किसानों के लिए आय का एक साधन बन गया है। जिससे सरकार इस योजना के तहत स्वरोजगार उत्पन्न करा रही है। सरकार का किसानों की आय में वृद्धि करने का लक्ष्य भी प्राप्त हो रहा है। अब तक छत्तीसगढ़ गोधन योजना के अंतर्गत 35 लाख 86 हजार क्विंटल गोबर की खरीद की जा चुकी है। आने वाले समय में सरकार द्वारा यह खरीद जारी रखी जाएगी।

गोधन न्याय योजना होगी पूरे देश में आरंभ

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना की उपलब्धि को देखते हुए केंद्र की मोदी सरकार द्वारा किसानों के हित में ऐसी एक योजना को प्रारंभ करने पर विचार किया जा रहा है। 9 मार्च 2023 को लोकसभा में एक रिपोर्ट पेश की गई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार कृषि संबंधी स्थाई समिति ने केंद्र सरकार को छत्तीसगढ़ की गोधन न्याय योजना जैसी एक योजना को पूरे देश में प्रारंभ करने का सुझाव दिया है। उस रिपोर्ट में किसानों से गोबर की खरीद के लिए एक योजना आरंभ करने की सिफारिश की गई है।

किसानों की आय में वृद्धि तथा रोजगार के अवसर को बढ़ावा देने के लिए इस योजना की शुरुआत की जाए। इस योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता भी बनी रहेगी। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा जल्द से जल्द पूरे भारत के लिए छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना जैसी योजना का शुभारंभ करेंगी। केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के लिए जल्द से जल्द बजट की भी घोषणा की जाएगी। अगर सरकार द्वारा किसी भी ऐसी योजना की घोषणा की जाएगी तो हम आपको अपनी पोस्ट के माध्यम से सूचित कर देंगे।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना का उद्देश्य

जैसा कि हम जानते हैं कि छत्तीसगढ़ राज्य में बड़े पैमाने पर राज्य के किसान और अन्य लोग हैं जो पशुपालन का कार्य करते हैं। इस कार्य को करने पर ज्यादा आमदनी ना होने के कारण वे लोग अपने पशुओं को दूध निकालने के बाद अर्थात आवश्यकता पूरी होने पर यहां वहां खुला छोड़ देते हैं। जिससे गाय के गोबर के कारण गंदगी बहुत ज्यादा फैलती है। पशुओं को खुला छोड़ने की वजह से सड़क हादसे में भी वृद्धि आई है। इन सब समस्याओं का समाधान करने के लिए राज्य सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई है।

इसी योजना के अंतर्गत राज्य सरकार किसान एवं पशुपालकों से गाय के गोबर की खरीद करेगी। जिससे पशुपालकों की आय में भी वृद्धि होगी तथा स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। ऐसी योजना के अंतर्गत पशुपालकों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ वह अपने पशुओं को भी पशुपालन में ही रखेंगे, जिससे पशुओं को इधर उधर चरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यही है।

छत्तीसगढ़ गौधन न्याय योजना पृष्ठभूमि

राज्य सरकार के इस कदम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार द्वारा पिछले वर्ष से कई सारी योजना जैसे नरवा, गुरुवा इत्यादि चलाई जा रही है। सरकार ने पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए गौशालाओं का भी निर्माण किया है। अभी तक राज्य सरकार द्वारा 2200 गांवो मैं गौशालाओं का निर्माण कर दिया गया है। सरकार द्वारा यह भी बताया जा रहा है कि आने वाले समय में 5000 और गांवो  में गौशालाओं का निर्माण किया जाएगा। यह योजना राज्य के ग्रामीण लोगों एवं राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत लाभकारी साबित होगी। योजना के माध्यम से रोजगार के अवसर तो प्राप्त होंगे ही साथ में पशुधन मालिक अपने पशुओं को अच्छा चारा पानी भी उपलब्ध करा पाएंगे। और गाय के गोबर को बेचकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे।

  • पूरे देश में छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन जाएगा जो गाय के गोबर को खरीदेगा। गौशालाओं का निर्माण सुरजी गांव योजना के तहत किया जाएगा। और गोदान न्याय योजना गौशालाओं के माध्यम से लागू की जाएगी। महिला सहायता समूह उन केंद्रों पर वर्मी कंपोस्ट तैयार करने सहित और कई अन्य प्रमुख योजनाओं का संचालन करेंगी।
  • छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस योजना को चरणबद्ध तरीके से गौशालाओं का निर्माण करने में किया जाएगा। गौशालाओं का निर्माण लगभग 11,630 ग्राम पंचायत तथा 2000 गांव में किया जाएगा।

CG Godhan Nyay Yojana Application Form PDF

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना New Update:

जैसा कि हमने आपको बताया छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी के द्वारा इस योजना का प्रारंभ 20 जुलाई 2020 को किया गया था। योजना के अंतर्गत किसानों एवं पशुपालकों से उचित दाम पर गोबर की खरीद की जाती है। और उस गोबर से वर्मी कंपोस्ट अर्थात खाद का निर्माण किया जाता है। राज्य सरकार द्वारा इस योजना के तहत पंजीकृत आवेदकों के गोबर की खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अभी तक इस योजना के तहत 65,694 लोगों ने पंजीकरण करा लिया है। जिसमें से 46,764 लोगों से लगभग 82,711 कुंटल गोवर खरीदा जा चुका है। अभी तक इस योजना के तहत खरीदे गए गोवर की देने वाली कुल राशि 1,65,00,000 रुपए है। जो पहले किस्त के रूप में सहकारी बैंक के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा चुका है।

प्राप्त किए गए गोधन का प्रयोग

इस योजना के माध्यम से प्राप्त किए गए गाय के गोबर को वर्मी कंपोस्ट फर्टिलाइजर बनाने के लिए प्रयोग किया जाएगा। यह फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव सोसाइटी के द्वारा बेचा जाएगा। यह वर्मी कंपोस्ट ₹10 प्रति किलो की दर से बेचा जाएगा। गोवर खरीद की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ राज्य के नगरीय प्रशासन की होगी।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना अब तक की सफलता

जैसा कि हमने आपको बताया है कि छत्तीसगढ़ सरकार इसी योजना के अंतर्गत गाय के गोबर को दो रुपए प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी है। छत्तीसगढ़ सरकार इस योजना के माध्यम से पशुपालकों की आय को दुगनी करेगी। जो कि जमीनी स्तर पर पशुपालकों की आय में वृद्धि हुई है। इस योजना के अंतर्गत अब तक 26.76 लाख क्विंटल गोधन जमा कर लिया गया है। जिसके लिए सरकार ने अब तक 53.53 करोड रुपए पशुपालकों को डायरेक्ट बैंक खाते में प्रदान किए हैं।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना

Godhan Nyay Yojana Application Form-लाभ

  • छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ केवल राज्य के गाय पालने वाले पशुपालकों एवं किसानों को प्रदान किया जाएगा।
  • राज्य सरकार द्वारा इस योजना के माध्यम से गाय पालने वाले पशुपालक एवं किसानों से गोबर को खरीदने का कार्य किया जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना 2021 के अंतर्गत पशुपालको एवं किसानों से ख़रीदे जाने वाला गाय का गोबर का इस्तेमाल वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने में किया जायेगा।
  • इस योजना के जरिए किसानों एवं पशु पालकों से गाय के गोबर खरीदने से उनकी आय में वृद्धि होगी।
  • राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पशु पालन करने वाले व्यक्तियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के प्रमुख तथ्य

  • भविष्य में इस योजना को और भी ज्यादा कारगर बनाने के लिए राज्य के 20 हजार गांवों और शहरों में भी योजना को चलाया जाएगा।
  • सरकार द्वारा जारी की गई इस योजना को दो चरणों में चलाया जाएगा, जिसमें पहले चरण में राज्य के 2240 गौशालाओं को जोड़ा जाएगा, फिर कुछ ही दिनों में 28 को घटना का निर्माण होने के बाद दूसरे चरण में गोबर खरीदा जाएगा।
  • छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के जरिए गाय के गोबर को ₹2 प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा।
  • राज्य सरकार पहली बार 21 जुलाई 2020 को इस योजना के तहत गोवर खरीदने की शुरुआत करेगी।

 छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना पात्रता व लाभ

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको नीचे दिए गए कुछ स्टेप्स को फॉलो करना होगा, तभी आप इस योजना के तहत लाभ उठा सकते है।

  • सबसे पहले आवेदन कर्ता छत्तीसगढ़ राज्य का स्थाई निवासी होना चाहिए।
  • राज्य के बड़े जमींदारों व्यापारियों को उनकी समृद्धता के आधार पर राज्य सरकार द्वारा इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
  • राज्य में रहने वाले गाय पशुपालकों को ही इस योजना के तहत पात्र माना जाएगा।
  • आय प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • मूल निवासी प्रमाण पत्र
  • पासपोर्ट साइज फोटो

CG Godhan Nyay Yojana में आवेदन कैसे करे ?

छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आपको इसका ऐप डाउनलोड (Download Godhan Nyay Yojana App) करना होगा। जिसकी प्रक्रिया निम्न प्रकार से है –

  • ऐप डाउनलोड करने के लिए आपको सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर में जाकर छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना सर्च करना होगा।
  • इसके बाद आपके सामने छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना एप्लीकेशन खुल जायेगा।
  • यहां आपको ऐप डाउनलोड करने के लिए इनस्टॉल के बटन पर क्लिक करना होगा।
  • ऐप डाउनलोड करने के बाद आपको ऐप को खोलना होगा। और फिर छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना आवेदन के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।
  • क्लिक करते ही अपने सामने गोधन न्याय योजना आवेदन फॉर्म खुल जायेगा।
  • अब आपको फॉर्म में पूछी गयी सभी जानकारी भरनी होंगी और अंत में “सबमिट” पर क्लिक कर फॉर्म को जमा करना होगा।
  • इस प्रकार आप आसानी से CG Godhan Nyay Yojana के तहत अपना आवेदन कर सकते हो।
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